ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर सेवाकेंद्र पर दीपोत्सव धूमधाम से मनाया गया

दीपोत्सव अलौकिक प्रकाश से मन को भरपूर करने का पावन पर्व – बी के डॉ रीना 

ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर भोपाल सेवाकेंद्र पर दीपोत्सव धूमधाम से मनाया गया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय रोहित नगर सेवाकेंद्र पर दीपावली के पावन अवसर पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव मनाया गया । इस अवसर पर महालक्ष्मी जी का बड़ी श्रद्धा भाव से आरती व पूजन किया गया। उपस्थित जन समूह ने महालक्ष्मी से प्रार्थना की कि वर्तमान समय हर प्राणी कोरोना महामारी से सुरक्षित रहें। सेवाकेंद्र प्रभारी बी के डॉ रीना दीदी ने सभी को शुभ संकल्पों के दीपक जलाते हुए संकल्प दिलाया कि इस दिवाली पर घर की साफ सफाई के साथ मन के विकारों को भी साफ करें एवं मन को अज्ञान अंधकार से मुक्त कर आध्यात्मिक अलौकिक प्रकाश से रोशन करें। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सभी इस समाज में प्रेम ,शांति , सदभावना, खुशी के दीपक सदा ही जगमगा कर रखें। दीपावली मिलन के साथ साथ संस्कार मिलन की रास करें। दीदी ने सभी से अपील की है कि वर्तमान समय कोरोना काल में अपने आप को सुरक्षित रखें। इस अवसर पर सभी हैं मिलकर शुभ संकल्पों के दीपक जलाएं तथा एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दी ।

ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर भोपाल सेवाकेन्द्र में दादी प्रकाशमणी जी की पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाई गई

ब्रह्माकुमारिज रोहित नगर भोपाल सेवाकेन्द्र में दादी प्रकाशमणी जी की पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाई गई
दादी जी को भावभीनी श्रद्घांजलि
दादी प्रकाशमणी के बताए आदर्शों पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्घाजंलि बी.के.डॉ.रीना दीदी…….
भोपाल, 25 अगस्त : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि को उनकी तरहवीं पुण्यतिथि पर रोहित नगर भोपाल सेवाकेन्द्र पर स्नेहपूर्ण श्रदांजलि दी गई। इस अवसर पर रोहित नगर सेवाकेन्द्र प्रभारी बी.के डॉ.रीना दीदी ने कहा कि दादी जी के आदर्शों पर चलकर उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का पुरूषार्थ करना ही उन्हें सच्ची श्रद्घाजंलि होगी। ब्रह्माकुमारिज रोहित नगर सेवाकेन्द्र में दादी प्रकाशमणी जी की पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाई गई |
उन्होने दादी प्रकाशमणि की सेवाओंको याद करते हुए कहा कि पहले ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाएँ सिर्फ भारत तक ही सीमित थी। दादी जी ने अपने अथक प्रयासों से संस्थान की सेवाओं को सारे विश्व में फैलाया। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा शान्तिदूत पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया था। दादी जी ने हमें सिखलाया कि संगठन में एक दो को सम्मान देकर और सभी की विशेषताओं को महत्व देकर कैसे संगठन को मजबूत किया जा सकता है।
दादी प्रकाशमणि ने यह सिद्घ कर दिया कि नारी यदि अपनी शक्तियों को पहचान ले तो वह दुर्गा, काली और शीतला बन अपना ही नहीं वरन् समूचे जगत को विकारों और आसुरियत की दलदल से मुक्त करने में अहम भूमिका निभा सकती है। दादी जी के व्यक्तित्व का ही कमाल था कि माउण्ट आबू में ब्रह्माकुमारी संस्थान के परिसर में पहुंचकर सभी को यह सुखद अहसास होता था कि मानों हम स्वर्ग में आ गए हों। अपने घर से भी अधिक अपनापन वहाँ पर अनुभव होता था।
दादी जी कर्मयोगी थी,और महिला सशक्तिकरण की अनुकरणीय मिसाल थी। दादी जी में नेतृत्व की अपार क्षमता थी। उनके अन्दर नेतृत्व के साथ-साथ मातृत्व का भी असीम भाव था। उनकी मन:स्थिति इतनी उँची हो चुकी थी कि किसी की कमी-कमजोरी, जाति-पाँति, धर्म आदि का भेदभाव उनको कभी छू तक नहीं पाया।
   निमित्त,निर्मान,निर्मल वाणी हो,
   सबका भला हो, सब सुख पाएं।

Rakhi News from Gulmohar Colony – Bhopal- कोरोना काल में आध्यात्मिक रूप से मनाएं रक्षाबंधन

कोरोना काल में आध्यात्मिक रूप से मनाएं रक्षाबंधन -ब्रह्माकुमारीज बहनों की सभी देशवासियों से अपील
भोपाल, । वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से इस बार सभी तीज-त्योहारों को पारंपरिक रूप से मनाने में कठिनाई आ रही है। ऐसे में ब्रह्माकुमारीज बहनें इस बार आध्यात्मिक रूप से रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाने जा रही हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों से भी आध्यात्मिक रूप से रक्षाबंधन मनाने की अपील की है। राजधानी भोपाल में ब्रह्माकुमारीज के गुलमोहर सेवा केंद्र पर बहुत सुंदर व दिव्य स्वमानों की राखियां तैयार की गई हैं। जहां ब्रह्माकुमारीज बहनों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भाइयों को सेनेटाइजर,मास्क और सुंदर वरदान दिए।
गुलमोहर सेवा केंद्र प्रभारी बी.के. डॉ.रीना बहन ने रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बतलाते हुए तिलक, रक्षासूत्र, मिठाई, नारियल का महत्व के बारे में भी बताया। साथ ही उन्होंने कोरोना को पराजित करने के टिप्स दिए। बी.के रीना बहन ने एसएमएस (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइजर)का प्रयोग कर सुरक्षित रहने की अपील की है। क्योंकि हम सुरक्षित तो घर सुरक्षित और घर सुरक्षित तो जग सुरक्षित।
तिलक: रक्षाबंधन पर बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, जो की विजय का प्रतीक होता है। इस वर्ष हम स्वयं ही स्वयं को इस स्वमान का तिलक लगाएं कि मैं इस कोरोना काल में बाहर से आने वाली हर परिस्थिति पर विजय पाने वाला परमात्मा का विजयी रत्न हूं। इस स्वमान में स्थित होने के लिए ब्रह्माकुमारीज सेंटर के भाई बहनों ने 5 मिनट ध्यान केंद्रित कर योगाभ्यास भी किया। साथ ही सभी से ध्यान केंद्रित कर इस स्वमान में स्थित होने की अपील भी की।
रक्षासूत्र: बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है, जो भाई के लिए एक कवच का कार्य करता है। इस वर्ष हर मनुष्य अपने मन में पॉजिटिव संकल्पों का रक्षा कवच बांध ले। स्वयं को यह अनुभव कराएं कि जिस प्रकार कवच के अंदर कर्ण सुरक्षित था, उसी प्रकार मैं परमात्मा की छत्रछाया में पलने वाला विशेष रत्न हूं। जिसके अंदर कोई भी निेगेटिव विचार प्रवेश कर नहीं सकता। इसके लिए विशेष समय निकालकर प्राणायाम करने की सलाह दी गई है।
मिठाई: रक्षाबंधन पर बहन भाई का मुंह मीठा कराती है। तो हम सब पूरे देशवासी इस वर्ष सात्विक शुद्ध अन्न से स्वयं का मुख मीठा करने का प्रण लें।
नारियल: बहन भाई को नारियल भी भेंट में देती है, तो इस समय हम यह महसूस करें कि परमात्मा ने हमें यहां सुंदर प्रकृति भेंट में दी हुई है। यह विश्व ग्लोब मेरे सामने है और मैं इस ग्लोब पर रहने वाले हर मनुष्य को शुभ विचारों के संकल्पों से भरपूर कर रहा हूं।

कोरोना सेवा समाचार – मजदूर दिवस पर भोपाल कोरोना रेड जोन में ब्रह्माकुमारीज द्वारा श्रमिकों का सम्मान |

Bhopal – Dr. BK Reena Honoured with “Swachhta & Paryavaran Mitra Award” – बी.के.डा. रीना बहन स्वच्छता एवं पर्यावरण मित्र सम्मान से सम्मानित

भोपाल – ब्रह्माकुमारीज गुलमोहर सेवाकेन्द्र प्रभारी बी. के. डा. रीना बहन को राजधानी भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में काम्पिस्ट स्वच्छता एवं पर्यावरण मित्र सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा की गई सेवाओं के उपरान्त दिया गया। बी. के डा. रीना बहन के नेतृत्व में ब्रह्माकुमारीज गुलमोहर कालोनी भोपाल द्वारा भोपाल में सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों स्कूल, कालेज, पार्क, सी.आर.पी.एफ., आर.ए.एफ., थाना ऐसे कई जगहों पर 26000 से अधिक पौधे लगाए गए।

कार्य्रक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री भ्राता दिग्विजय सिंह, विख्यात राजनीतिज्ञ एवं समाजसेवी गोविंद गोयल जी उपस्थ्ति थें । कार्यक्रम की अध्यक्षता भोपाल ज़ोन की संचालिका बी.के.अवधेश बहन जी नें की । कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता, संसदीय कार्य एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम कें पूरे मध्यप्रदेश से सैकड़ों हस्तियां उपस्थित थीं ।

मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

कृति के पांच तत्वों देते हैं जीवन का ज्ञान  – बी.के. डॉ. रीना

मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

मंडीदीप ५ जून  – प्रकृति में पांच तत्व पाये जाते हैं-जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी एवं आकाश। प्रकृति के ये पांच तत्व हमें जीवन जीने की शिक्षायें सिखाते हैं। जल का गुण होता है कि उसे जिस बर्तन में रखा जाये, उसका आकार एवं रंग ग्रहण कर लेता है इसी तरह से व्यक्ति के अंदर भी हर परिस्थति में एडजेस्ट करने की कला होना चाहिये। वायु का गुण है तीव्रता, इसी तरह व्यक्ति के अंदर भी तीव्रता का गुण होना चाहिये जो किसी भी परिस्थिति को पार कर सके, समस्यायें उसके आगे टीक न सकें। अग्नि की विशेषता है कि उसके अंदर जो भी वस्तु डाली जाती है उसका स्वरूप परिवर्तन हो जाता है उसकी अशुद्धि निकल जाती है। इसी तरह हमें अग्नि से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमारे संपर्क में जो भी व्यक्ति आये उसके अंदर से बुराईयां दूर हो जाये। इसी तरह से धरती का गुण है दातापन, व्यक्ति धरती में कुछ करे लेकिन धरती मां हमेशा देती है, हमें भी धरती मां से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमें जो भी मिले हमारे साथ कैसा भी व्यवहार करें हमें हमेशा दूसरों को अच्छाईयां ही देनी है। आकाश का गुण है विशालाता, आकाश के द्वारा संचार साधन कार्य करते हैं, आकाश मंें तरंगों के माध्यम से दुनिया में किसी कोने में बैठे व्यक्ति आपस में तुरंत सम्पर्क कर सकते हैं। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमारी सोच विशाल हो हम लोगों को जोड़ने का कार्य करें ना कि तोड़ने का। इसी तरह से हम देखते हैं कि प्रकृति के पांच तत्वों  में श्रेष्ठ जीवन की शिक्षायें समाहित हैं जिन्हें धारण कर हम एक श्रेष्ठ मनुष्य बन सकते हैं- उक्त विचार प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भोपाल सेवा केन्द्र की प्रभारी बी.के. डॉ. रीना बहन ने मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस  के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये ।

इस अवसर पर शीतल मेघा सिटी में वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी संपन्न हुए जिसमे ब्रह्मकुमारिस के सदस्यों एवं कॉलोनी के नागरिकों द्वारा वृक्षारोपण किया गया ।

कार्यक्रम की अतिथि मंडीदीप नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा जैन जी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यकित जीवन की आपाधापी में व्यस्त है उसके पास श्रेष्ठ कार्यो हेतु वक्त ही नहीं है ऐसे समय में ब्रम्हाकुमारीज़ संस्थान लोगों के जीवन से तनाव, दुख एवं अशांति दूर कर उनके जीवन में मुस्कुराहट भरने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में बी.के. रावेन्द्र जी ने प्रवचन किये। इस अवसर पर धरमवानी जी, गेंदालाल पाल जी,  बी के नमिता आदि का ब्रह्माकुमारिज भोपाल सेवाकेंद्र की प्रभारी डॉ. बी.के. रीना दीदी द्वारा समाज सेवी कार्यों हेतु सम्मान किया गया।

इस अवसर पर तीन स्थानों पर शिव ध्वजारोहण कर विषय विकार से मुक्त रहने की प्रतिज्ञा सभी उपस्थितों को दिलाई गई।

कार्यक्रम में कुमारी श्री कुमारी यशस्वी ने सुन्दर नृत्यों के माध्यम से कार्यक्रम में समां बांध दिया।

Social Wing Companion Program at Brahmakumaris Rohit Nagar Bhopal.

Chief Guest : Bro Akhilesh Argal Ji (IFS), CEO, Happiness Dept., Govt. of MP.

Chairperson : Bro. Govind Goyal Ji : Eminent Socioliest, Industrialist and Politician, Bhopal.

Brahma Kumaris National Administrators Conference Bhopal

ब्रह्माकुमारीज भोपाल द्वारा स्वर्ण जयंती महोत्सव का चौथा दिन 108 कार्यक्रमों का हुआ आयोजन स्वर्णिम प्रशासन हेतु देशभर से जुटे कुशल वक्ता दिल, दिमाग एवं कर्म के संतुलन से ही कुशल प्रशासन संभव – राजयोगिनी आशा दीदी यदि आप अपनी आत्मा की आवाज को सुनें और फालो करें तो सारा प्रषासन बहुत अच्छी तरह चल सकता है। आजकल के षिक्षार्थियों की तीन तरह की श्रेणियां देखी जाती हैं। पहला जो लोग बात को इषारे से समझते हैं और धारण करते हैं। उन्हे कुछ भी कहने की जरूरत नहीं होती है। दूसरा जो खुद नहीं करते परंतु कहकर करवाया जाता है। तीसरे श्रेणी के वे लोग हैं जो कहने से भी
नहीं करते। परंत एक चैथी श्रेणी भी आजकल देखी जाती हैं वह है जो नियम तोड़कर खुष होते हैं। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई बार हम समझते हैं कि हम अपनी अंतर्रात्मा की आवाज के खिलाफ जा सकते हैं। परंतु आप अपनी आत्मा की आवाज रोक नहीं सकते उसका गला नहीं घोट सकते। जब आप अपने प्राकृतिक स्वभाव के विरूद्ध कार्य करते हैं तो अंदर की शांति भंग होती है। स्वर्णिम दुनिया का प्रषासन पारिवारिक रूप का होता है। सारी प्रषासनिक प्रणाली परिवार के रूप से
चलती है। सवर्णिम दुनिया में ईमानदारी एवं पारदर्षिता होती है। वहां मैं का स्वरूप नहीं होता हम का स्वरूप होता है। आपके अंतर्गत कार्य करनें वाले लोगों को पैसे से ज्यादा प्यार, मोहब्बत एवं अपनापन चाहिए होता है। यही बातें उनके अंदर आपके प्रति विष्वास पैदा करती हैं। विष्वास कहीं और से नहीं बल्कि अपनेपन से पैदा होता है। अतः प्रशासक जागरूक भी रहें एवं विष्वास भी पैदा करें। प्रशासक के अंदर प्यार एवं सम्मान का भी गुण होना चाहिए। खुद से पूंछें कि हम जिनके साथ कार्य करते हैं क्या वास्तप में हम उनसे प्यार भी करते हैं या हमे केवल काम से ही प्यार है। क्योंकि स्वर्णिम दुनिया में प्यार एवं सम्मान काम में आते हैं। सम्मान मांगने की चीज नहीं है। सम्मान देगे तो मिलेगा। हरेक व्यक्ति को उसके गुणों के कारण सम्मान देना चाहिए। ब्रह्माकुमारी विष्व विद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा नें कभी किसी को रिजेक्ट नहीं किया। उन्होने यह कभी नहीं सोचा कि यह फालतू है या यह किसी काम का नहीं है। परंतु उन्होनें उसके गुणों को देखकर कार्य में लगाया। उसकी सेल्फ वर्थ को देखकर काम में लगाया। बाबा नें एसेप्ट एवं एप्रिसिऐट करना ये बातें सिखाईं। एसेप्ट अर्थात जो व्यक्ति जैसा आया है उसे स्वीकार करें। जिस आत्मा में जितनी शक्ति है वह उतना ही कर सकती है। एसेप्ट करने से धीरे -धीरे उसमें योग्यता आती जाएगी। और दूसरा शब्द है – एप्रिसिऐट। आज एप्रिसिऐषन की किसे आवष्यकता नहीं है।
सकारात्मक बातें के प्रयोग से माहौल बदलता जाएगा। एक बार मदर टेरेसर नें एक कंपनी के मालिक से पूंछा आप कर्मचारियों को सुख-सुविधाएं देते हैं पर क्या आप उन्हे प्यार भी देते हैं।स्वर्णिम प्रषासन के लिए हेड, हार्ट एवं हैण्ड तीनों में समन्वय एवं समरसता होना आवष्यक है। अर्थात दिल, दिमाग एवं कर्म का संतुलन होना आवष्यक है। प्यार वह चीज है जो असंभव को
संभव बना देती है। वो धारण जिससे हम पलते हैं, उसके प्रति प्यार चाहिए। अगर यह निष्चय हो जाए कि हम आत्माएं अपना पार्ट बता रही हैं हम जो चाहें वह कर सकते हैं। हम चाह लें तोपत्थर को पानी कर सकते हैं। आई एम द कैप्टन आफ शिप। परिस्थितियों के गुलाम होकर यह बात मन एवं मष्तिस्क में भी न आए कि मैं क्या कर सकता हूं। वरन् यह निष्चय करें कि मैं नहीं करूंगा तो और कौन करेगा। स्वर्णिम प्रशासन के लिए असली परिवर्तन प्रषासन में नहीं प्रषासक के सोच एवं नजरिए में लानें की जरूरत है। उक्त विचार ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रियर्च फाउंडेषन के प्रषासक सेवा प्रभाग की
राष्ट्रीय अध्यक्षा दिल्ली से पधारी ब्रम्हाकुमारी राजयोगिनी आशा दीदी नें आज राजयोग भवन अरेरा कालोनी स्वर्णिम श्रेष्ठ प्रषासन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय प्रषासक सम्मेंलन में व्यक्त किए। गोधरा से पधारे प्रषासक प्रभाग के सचिव बी.के. शैलेष भाई नें संस्था एवं प्रषासक प्रभाग के बारे में विस्तार से बताया। म.प्र. विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेष प्रताप सिंह जी नें कहा कि वही स्वर्णिम प्रषासन है जहां प्रषासन की आवष्यकता ही न हो। भीड़ में भी जो शांत रह सके वही सच्चा प्रषासक है। सच्चा प्रशासक वह जिसमें निर्लिप्तता का गुण हो। सच्चे प्रषासक में चुनौतियों का सामना करने का साहस होना चाहिए। सच्चे प्रषासक में सेवा भाव का होना नितांत आवष्यक है। सच्से प्रषासक में उचित निणय लेनें की कला होना चाहिए। यदि वह सही निर्णय लेगा तो स्वयं भी संतुष्ट होगा एवं दूसरों को भी संतुष्ट करेगा। उन्होनें कहा परमात्मा हमें मदद देनें के लिए सदैव हमारे साथ होते हैं परंतु यदि हम उन्हे याद नहीं करते तो सही समय पर परमात्मा की मदद हमें प्राप्त नहीं होती। सम्मेलन में म.प्र. विद्युत मंडल के प्रबंध निदेषक डा. संजय गोयल आई. ए. एस. नें कहा कि यदि प्रषासक कुछ समय निकालकर अपनी कमियां निकाले तो प्रशासन में सुधार आएगा। सम्मेलन में श्री सीताराम मीणा आई. ए. एस. उत्तर प्रदेष श्री राकेश दुबे निदेशक आपदा प्रबंधन, श्री ब्ही. के. शर्मा अहमदाबाद, बी.के. बीणा बहन, सिरसी कर्नाटका आदि नें भी स्वर्णिम प्रशासन हेतु
अपने विचार ब्यक्त किए।
भोपाल जोन की निदेशिका एवं ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रिशर्च फाउंडेशन के प्रशासक सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बी. के. राजयोगिनी अवधेश दीदी नें बताया कि 5 दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत भोपाल के विभिन्न संस्थानों में 108 से भी अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बी. के. उर्मिल बहन क्षेत्रीय निदेशिका दिल्ली जोन नें सभी उपस्थितों को राजयोग की अनुभूति कराईं।
भोपाल गुलमोहर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बी. के. डा. रीना बहन नें सभी का स्वागात किया साथ ही कुशल मंच संचालन किया । उन्होंने सभ्जी भोपाल शहर वाशियों से आग्रह किया कि स्वर्णिम श्रेष्ट प्रशासन के ब्रह्माकुमारिस के इस पुनीत कार्य में सहभागी बने ।

B. K. Asha Didi, Chairperson, Administrators Service Wing.

Program Director : B. K. Avdhesh Didi, Zonal Director Brahmakumaris Bhopal & National Co-Ordinator Administrators Service Wing.
Chief Guest: Bro. Avdhesh Pratap Singh Ji, Principal Secetary, Vidhansabha , Bhopal
Special Guest: Dr. Sanjay Goyal, Managing Director, MPEB, Bhopal.
Good Wishes : Bro. Seetaram Meena Ji, IAS
Welcome Speech : B. K. Shailesh Bhai, Secretory Administrators Service Wing.
Stage Co-ordinator: B. K. Dr. Reena Behn, Centre In-Charge, Gulmohar Colony Bhopal

National Media Conference Bhopal 14th March’2019

Bhopal- बी के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित-B. K. Dr. Reena Behan​ Gets ​Pride of India Award

ब्रह्माकुमारिज संस्था भोपाल की बी.के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित


भोपाल। समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए बी.के डॉ रीना बहन को प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड सम्मानित किया गया है। वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्डस लंदन की ओर से इंदौर में होटल रेडिसन में आयोजित गरिमामय समारोह में यह अवॉर्ड इंटरनेशनल म्यूजिक आइकॉन एवं डिस्को किंग बप्पी लहरी के हाथों दिया गया। जिसमें देश-विदेश में कई क्षेत्रों में बेहतर काम वाली नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में बप्पी लहरी एवं अन्य अतिथियों ने ब्रह्माकुमारीज एवं ईश्वरीय ज्ञान के बारे में भी चर्चा की। साथ ही ब्रह्माकुमारीज द्वारा दुनिया भर में की जा रही मानव सेवा की तारीफ की। उल्लेखनीय है कि डॉ रीना बहन ब्रह्माकुमारीज केंद्र गुलमोहर भोपाल की संचालिका हैैं। वे पिछले 25 साल से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इससे पहले भी उन्हें बेहतर समाजसेवा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। वे मोटीवेशन स्वीकर भी हैं। इसके लिए उन्हें डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा जा चुका है।