मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

कृति के पांच तत्वों देते हैं जीवन का ज्ञान  – बी.के. डॉ. रीना

मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

मंडीदीप ५ जून  – प्रकृति में पांच तत्व पाये जाते हैं-जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी एवं आकाश। प्रकृति के ये पांच तत्व हमें जीवन जीने की शिक्षायें सिखाते हैं। जल का गुण होता है कि उसे जिस बर्तन में रखा जाये, उसका आकार एवं रंग ग्रहण कर लेता है इसी तरह से व्यक्ति के अंदर भी हर परिस्थति में एडजेस्ट करने की कला होना चाहिये। वायु का गुण है तीव्रता, इसी तरह व्यक्ति के अंदर भी तीव्रता का गुण होना चाहिये जो किसी भी परिस्थिति को पार कर सके, समस्यायें उसके आगे टीक न सकें। अग्नि की विशेषता है कि उसके अंदर जो भी वस्तु डाली जाती है उसका स्वरूप परिवर्तन हो जाता है उसकी अशुद्धि निकल जाती है। इसी तरह हमें अग्नि से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमारे संपर्क में जो भी व्यक्ति आये उसके अंदर से बुराईयां दूर हो जाये। इसी तरह से धरती का गुण है दातापन, व्यक्ति धरती में कुछ करे लेकिन धरती मां हमेशा देती है, हमें भी धरती मां से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमें जो भी मिले हमारे साथ कैसा भी व्यवहार करें हमें हमेशा दूसरों को अच्छाईयां ही देनी है। आकाश का गुण है विशालाता, आकाश के द्वारा संचार साधन कार्य करते हैं, आकाश मंें तरंगों के माध्यम से दुनिया में किसी कोने में बैठे व्यक्ति आपस में तुरंत सम्पर्क कर सकते हैं। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमारी सोच विशाल हो हम लोगों को जोड़ने का कार्य करें ना कि तोड़ने का। इसी तरह से हम देखते हैं कि प्रकृति के पांच तत्वों  में श्रेष्ठ जीवन की शिक्षायें समाहित हैं जिन्हें धारण कर हम एक श्रेष्ठ मनुष्य बन सकते हैं- उक्त विचार प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भोपाल सेवा केन्द्र की प्रभारी बी.के. डॉ. रीना बहन ने मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस  के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये ।

इस अवसर पर शीतल मेघा सिटी में वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी संपन्न हुए जिसमे ब्रह्मकुमारिस के सदस्यों एवं कॉलोनी के नागरिकों द्वारा वृक्षारोपण किया गया ।

कार्यक्रम की अतिथि मंडीदीप नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा जैन जी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यकित जीवन की आपाधापी में व्यस्त है उसके पास श्रेष्ठ कार्यो हेतु वक्त ही नहीं है ऐसे समय में ब्रम्हाकुमारीज़ संस्थान लोगों के जीवन से तनाव, दुख एवं अशांति दूर कर उनके जीवन में मुस्कुराहट भरने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में बी.के. रावेन्द्र जी ने प्रवचन किये। इस अवसर पर धरमवानी जी, गेंदालाल पाल जी,  बी के नमिता आदि का ब्रह्माकुमारिज भोपाल सेवाकेंद्र की प्रभारी डॉ. बी.के. रीना दीदी द्वारा समाज सेवी कार्यों हेतु सम्मान किया गया।

इस अवसर पर तीन स्थानों पर शिव ध्वजारोहण कर विषय विकार से मुक्त रहने की प्रतिज्ञा सभी उपस्थितों को दिलाई गई।

कार्यक्रम में कुमारी श्री कुमारी यशस्वी ने सुन्दर नृत्यों के माध्यम से कार्यक्रम में समां बांध दिया।

Social Wing Companion Program at Brahmakumaris Rohit Nagar Bhopal.

Chief Guest : Bro Akhilesh Argal Ji (IFS), CEO, Happiness Dept., Govt. of MP.

Chairperson : Bro. Govind Goyal Ji : Eminent Socioliest, Industrialist and Politician, Bhopal.

Brahma Kumaris National Administrators Conference Bhopal

ब्रह्माकुमारीज भोपाल द्वारा स्वर्ण जयंती महोत्सव का चौथा दिन 108 कार्यक्रमों का हुआ आयोजन स्वर्णिम प्रशासन हेतु देशभर से जुटे कुशल वक्ता दिल, दिमाग एवं कर्म के संतुलन से ही कुशल प्रशासन संभव – राजयोगिनी आशा दीदी यदि आप अपनी आत्मा की आवाज को सुनें और फालो करें तो सारा प्रषासन बहुत अच्छी तरह चल सकता है। आजकल के षिक्षार्थियों की तीन तरह की श्रेणियां देखी जाती हैं। पहला जो लोग बात को इषारे से समझते हैं और धारण करते हैं। उन्हे कुछ भी कहने की जरूरत नहीं होती है। दूसरा जो खुद नहीं करते परंतु कहकर करवाया जाता है। तीसरे श्रेणी के वे लोग हैं जो कहने से भी
नहीं करते। परंत एक चैथी श्रेणी भी आजकल देखी जाती हैं वह है जो नियम तोड़कर खुष होते हैं। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई बार हम समझते हैं कि हम अपनी अंतर्रात्मा की आवाज के खिलाफ जा सकते हैं। परंतु आप अपनी आत्मा की आवाज रोक नहीं सकते उसका गला नहीं घोट सकते। जब आप अपने प्राकृतिक स्वभाव के विरूद्ध कार्य करते हैं तो अंदर की शांति भंग होती है। स्वर्णिम दुनिया का प्रषासन पारिवारिक रूप का होता है। सारी प्रषासनिक प्रणाली परिवार के रूप से
चलती है। सवर्णिम दुनिया में ईमानदारी एवं पारदर्षिता होती है। वहां मैं का स्वरूप नहीं होता हम का स्वरूप होता है। आपके अंतर्गत कार्य करनें वाले लोगों को पैसे से ज्यादा प्यार, मोहब्बत एवं अपनापन चाहिए होता है। यही बातें उनके अंदर आपके प्रति विष्वास पैदा करती हैं। विष्वास कहीं और से नहीं बल्कि अपनेपन से पैदा होता है। अतः प्रशासक जागरूक भी रहें एवं विष्वास भी पैदा करें। प्रशासक के अंदर प्यार एवं सम्मान का भी गुण होना चाहिए। खुद से पूंछें कि हम जिनके साथ कार्य करते हैं क्या वास्तप में हम उनसे प्यार भी करते हैं या हमे केवल काम से ही प्यार है। क्योंकि स्वर्णिम दुनिया में प्यार एवं सम्मान काम में आते हैं। सम्मान मांगने की चीज नहीं है। सम्मान देगे तो मिलेगा। हरेक व्यक्ति को उसके गुणों के कारण सम्मान देना चाहिए। ब्रह्माकुमारी विष्व विद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा नें कभी किसी को रिजेक्ट नहीं किया। उन्होने यह कभी नहीं सोचा कि यह फालतू है या यह किसी काम का नहीं है। परंतु उन्होनें उसके गुणों को देखकर कार्य में लगाया। उसकी सेल्फ वर्थ को देखकर काम में लगाया। बाबा नें एसेप्ट एवं एप्रिसिऐट करना ये बातें सिखाईं। एसेप्ट अर्थात जो व्यक्ति जैसा आया है उसे स्वीकार करें। जिस आत्मा में जितनी शक्ति है वह उतना ही कर सकती है। एसेप्ट करने से धीरे -धीरे उसमें योग्यता आती जाएगी। और दूसरा शब्द है – एप्रिसिऐट। आज एप्रिसिऐषन की किसे आवष्यकता नहीं है।
सकारात्मक बातें के प्रयोग से माहौल बदलता जाएगा। एक बार मदर टेरेसर नें एक कंपनी के मालिक से पूंछा आप कर्मचारियों को सुख-सुविधाएं देते हैं पर क्या आप उन्हे प्यार भी देते हैं।स्वर्णिम प्रषासन के लिए हेड, हार्ट एवं हैण्ड तीनों में समन्वय एवं समरसता होना आवष्यक है। अर्थात दिल, दिमाग एवं कर्म का संतुलन होना आवष्यक है। प्यार वह चीज है जो असंभव को
संभव बना देती है। वो धारण जिससे हम पलते हैं, उसके प्रति प्यार चाहिए। अगर यह निष्चय हो जाए कि हम आत्माएं अपना पार्ट बता रही हैं हम जो चाहें वह कर सकते हैं। हम चाह लें तोपत्थर को पानी कर सकते हैं। आई एम द कैप्टन आफ शिप। परिस्थितियों के गुलाम होकर यह बात मन एवं मष्तिस्क में भी न आए कि मैं क्या कर सकता हूं। वरन् यह निष्चय करें कि मैं नहीं करूंगा तो और कौन करेगा। स्वर्णिम प्रशासन के लिए असली परिवर्तन प्रषासन में नहीं प्रषासक के सोच एवं नजरिए में लानें की जरूरत है। उक्त विचार ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रियर्च फाउंडेषन के प्रषासक सेवा प्रभाग की
राष्ट्रीय अध्यक्षा दिल्ली से पधारी ब्रम्हाकुमारी राजयोगिनी आशा दीदी नें आज राजयोग भवन अरेरा कालोनी स्वर्णिम श्रेष्ठ प्रषासन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय प्रषासक सम्मेंलन में व्यक्त किए। गोधरा से पधारे प्रषासक प्रभाग के सचिव बी.के. शैलेष भाई नें संस्था एवं प्रषासक प्रभाग के बारे में विस्तार से बताया। म.प्र. विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेष प्रताप सिंह जी नें कहा कि वही स्वर्णिम प्रषासन है जहां प्रषासन की आवष्यकता ही न हो। भीड़ में भी जो शांत रह सके वही सच्चा प्रषासक है। सच्चा प्रशासक वह जिसमें निर्लिप्तता का गुण हो। सच्चे प्रषासक में चुनौतियों का सामना करने का साहस होना चाहिए। सच्चे प्रषासक में सेवा भाव का होना नितांत आवष्यक है। सच्से प्रषासक में उचित निणय लेनें की कला होना चाहिए। यदि वह सही निर्णय लेगा तो स्वयं भी संतुष्ट होगा एवं दूसरों को भी संतुष्ट करेगा। उन्होनें कहा परमात्मा हमें मदद देनें के लिए सदैव हमारे साथ होते हैं परंतु यदि हम उन्हे याद नहीं करते तो सही समय पर परमात्मा की मदद हमें प्राप्त नहीं होती। सम्मेलन में म.प्र. विद्युत मंडल के प्रबंध निदेषक डा. संजय गोयल आई. ए. एस. नें कहा कि यदि प्रषासक कुछ समय निकालकर अपनी कमियां निकाले तो प्रशासन में सुधार आएगा। सम्मेलन में श्री सीताराम मीणा आई. ए. एस. उत्तर प्रदेष श्री राकेश दुबे निदेशक आपदा प्रबंधन, श्री ब्ही. के. शर्मा अहमदाबाद, बी.के. बीणा बहन, सिरसी कर्नाटका आदि नें भी स्वर्णिम प्रशासन हेतु
अपने विचार ब्यक्त किए।
भोपाल जोन की निदेशिका एवं ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रिशर्च फाउंडेशन के प्रशासक सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बी. के. राजयोगिनी अवधेश दीदी नें बताया कि 5 दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत भोपाल के विभिन्न संस्थानों में 108 से भी अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बी. के. उर्मिल बहन क्षेत्रीय निदेशिका दिल्ली जोन नें सभी उपस्थितों को राजयोग की अनुभूति कराईं।
भोपाल गुलमोहर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बी. के. डा. रीना बहन नें सभी का स्वागात किया साथ ही कुशल मंच संचालन किया । उन्होंने सभ्जी भोपाल शहर वाशियों से आग्रह किया कि स्वर्णिम श्रेष्ट प्रशासन के ब्रह्माकुमारिस के इस पुनीत कार्य में सहभागी बने ।

B. K. Asha Didi, Chairperson, Administrators Service Wing.

Program Director : B. K. Avdhesh Didi, Zonal Director Brahmakumaris Bhopal & National Co-Ordinator Administrators Service Wing.
Chief Guest: Bro. Avdhesh Pratap Singh Ji, Principal Secetary, Vidhansabha , Bhopal
Special Guest: Dr. Sanjay Goyal, Managing Director, MPEB, Bhopal.
Good Wishes : Bro. Seetaram Meena Ji, IAS
Welcome Speech : B. K. Shailesh Bhai, Secretory Administrators Service Wing.
Stage Co-ordinator: B. K. Dr. Reena Behn, Centre In-Charge, Gulmohar Colony Bhopal

National Media Conference Bhopal 14th March’2019

Bhopal- बी के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित-B. K. Dr. Reena Behan​ Gets ​Pride of India Award

ब्रह्माकुमारिज संस्था भोपाल की बी.के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित


भोपाल। समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए बी.के डॉ रीना बहन को प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड सम्मानित किया गया है। वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्डस लंदन की ओर से इंदौर में होटल रेडिसन में आयोजित गरिमामय समारोह में यह अवॉर्ड इंटरनेशनल म्यूजिक आइकॉन एवं डिस्को किंग बप्पी लहरी के हाथों दिया गया। जिसमें देश-विदेश में कई क्षेत्रों में बेहतर काम वाली नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में बप्पी लहरी एवं अन्य अतिथियों ने ब्रह्माकुमारीज एवं ईश्वरीय ज्ञान के बारे में भी चर्चा की। साथ ही ब्रह्माकुमारीज द्वारा दुनिया भर में की जा रही मानव सेवा की तारीफ की। उल्लेखनीय है कि डॉ रीना बहन ब्रह्माकुमारीज केंद्र गुलमोहर भोपाल की संचालिका हैैं। वे पिछले 25 साल से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इससे पहले भी उन्हें बेहतर समाजसेवा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। वे मोटीवेशन स्वीकर भी हैं। इसके लिए उन्हें डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा जा चुका है।

भोपाल में मीडिया महोत्सव २०१८ संपन्न

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भोपाल – दिनांक ३१ मार्च एवं १ अप्रैल २०१८ को भोपाल में आयोजित २ दिवसीय मीडिया महोत्सव का आयोजन विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं ने मिलकर आयोजित किया , मीडिया महोत्सव २०१८ के दौरान ब्रह्मकुमारिज गुलमोहर कॉलोनी भोपाल ने कार्यक्रम के सह आयोजक के रूप में अपनी भूमिका निभाई
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारिज की और से आयोजन की कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई , कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारिज की ओर से बी के रीना बहन सेवाकेंद्र प्रभारी गुलमोहर कॉलोनी भोपाल एवं कमल दीक्षित जी संयोजक मुल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति को विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारिज का विशेष मीडिया स्टोल लगाया गया साथ ही विभिन्न वर्गों की प्रदर्शनियों के माध्यम से देशभर से आये हुए मीडिया कर्मियों को ईश्वरीय सन्देश के साथ साथ संस्था एवं मीडिया वर्ग की सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया
कार्यक्रम मैं जहाँ एक और समूचे देशभर से मीडिया कर्मियों ने सहभागिता की वहीँ विभिन्न नामिग्रामी हस्तियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से शोभा बढ़ाई
कार्यक्रम के दौरान अनेक नामचीन हस्तियों से विस्तार से चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ
कुछ छायाचित्र संलग्न हैं जिनके कैप्शन देये गए हैं
फोटो १ – श्री इन्द्रेश कुमार (वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से ब्रह्मकुमारिस स्टाल पर मुलाकर के उपरान्त बी के भाई बहनों के साथ समूह फोटो में
फोटो २ – माननीय शिवराज सिंह चौहान जी (मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन) से ब्रह्माकुमारिज स्टाल पर स्नेह मुलाकर करते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ३ – माननीय महामहिम राज्यपाल मध्यप्रदेश आनंदी बेन पटेल जी का ब्रह्माकुमारिज स्टाल पर तिलक एवं गुलदस्ते से स्वागत करते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ४ – श्री गोविन्दाचार्य जी (प्रख्यात विचारक एवं चिन्तक) से ब्रह्मकुमारिस स्टाल पर मुलाकर एवं ब्रह्माकुमारिज एवं मीडिया प्रभाग की गतिविधियों से अवगत कराते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ५ – श्रीमती अर्चना चिटनिस (मंत्री महिला एवं बाल विकास मध्य प्रदेश शासन) से ब्रह्मकुमारिस स्टाल पर मुलाकर एवं ब्रह्माकुमारिज एवं मीडिया प्रभाग की गतिविधियों से अवगत कराते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ६ – श्री विजयदत्त श्रीधर (वरिष्ठ पत्रकार) से मुलाकर एवं चर्चा करते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ७ – श्री ज्ञानेंद्र एन बरतरिया (वरिष्ठ पत्रकार एवं सलाहकार प्रसार भारती) से मुलाकर एवं चर्चा करते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ८ – श्रीमती गौरी सिंह (प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन) से मुलाकर एवं चर्चा करते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ९ एवं १० – मीडिया महोत्सव के दौरान महिला एवं बच्चों की सुरक्षा विषय पर वक्तव्य देते हुए गुलमोहर सेवाकेंद्र प्रभारी बी के रीना बहिन
फोटो ११ एवं १२ – मीडिया महोत्सव के दौरान उपस्थित मीडियाकर्मी

“Role of Media in Spiritual Life” one day seminar at Brahma Kumaris Rohit Nagar center, Bhopal

Sri Sudesh Gaur, Head of “Nai Duniya Madhya Pradesh” spoke in a dialogue organised by Brahma Kumaris , Rohit Nagar Centre, Bhopal on the topic “Role of Social Media in spiritual Life”. Other distinguished speakers in the dialogue were Sri Gaurav Sharma of India News Madhya Pradesh, Smt Gunjan ji, High Court Advocate, Sri Pankaj Adhikari of Patrika Samuh, Sri Pushpendra Pal , Sr Media Officer who put their ideas on the topic.

Brahma Kumari Dr  Reena emphasized that Social Media is playing a important role in bringing spiritual revolution in the society due to it’s qualities but one should not be intoxicated. Social media is a blessing if used in a controlled way. Everyone  experienced Rajayoga Meditation as well.

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भोपाल 4 फरवरी 2018 –
ब्रम्हाकुमारीज के रोहित नगर सेवाकेन्द्र शाखा में आध्यात्मिक जीवन में सोशल मीडिया की भूमिका परिसंवाद संपन्न हुआ । कार्यक्रम में अनेक अनुभवी वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किये । अनेक नामचीन मीडिया हस्तियों ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवेम विषय पर अपने बहुमूल्य विचार एवं सुझाव रखे ।
कर्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए नई दुनिया मध्यप्रदेश प्रदेश प्रमुख श्री सुदेश गौर जी कहा कि सोशल मीडिया आध्यात्मिक जागृति लानें में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। आध्यात्मिक क्षेत्रों के गुरू एवं संस्थाएं ज्ञान के प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया का उपयोग कर रही हैं। परंतु इसके साथ ही सावधान रहनें की भी आवश्यकता है।
कर्यक्रम में पत्रिका समूह के संपादक श्री पंकज श्रीवास्तव जी, नें अपने विचार ब्यक्त करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के कारण भारत के योग का दुनियाभर में प्रचार प्रसार हो रहा है। सोशल मीडिया को एक अनपढ़ ब्यक्ति भी प्रयोग कर सकता है। अतः श्रेष्ठ ज्ञान के प्रचार प्रसार हेतु आध्यात्मिक लोगों एवं संस्थाओं को सोशल मीडिया से जुड़ना ही चाहिए।
कर्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ट मीडिया अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र पाल जी नें कहा कि सोशल मीडिया की कुछ खूबियां हैं जो मीडिया के किसी माध्यम में नहीं है। जैसे सोशल मीडिया फास्ट है। एक क्षण में आपका संदेश विश्व के किसी कोने में पहुंच सकता है। सोशल मीडिया मेें ब्यक्ति से ब्यक्ति सीधे संपर्क कर सकता है। साथ ही आपके भेजे संदेश में त्वरित फीडबैक प्राप्त होता है। सोशल मीडिया में आप अपने संदेश को एडिट कर सकते है या डिलीट कर सकते हैं।

कर्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए ब्रम्हाकुमारीज सेवाकेन्द्र प्रभारी बी. के. डा. रीना बहन नें कहा की सोशल मीडिया अपनी खूबियों के कारण समाज में आध्यात्मिक क्राति लानें में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। परंतु हमें सोशल मीडिया की लत नहीं लगनी चाहिए। यदि हम संयमित हो सोशल मीडिया का उपयोग करें तो यह आध्यात्मिक सेवा के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है। आपने आगन्तुको को राजयोग की अनुभूति भी कराई

कार्यक्रम में इंडिया न्यूज मध्यप्रदेश के श्री गौरव शर्मा जी, उच्चतम न्यायालय एडवोकेट एवं समाजसेवी श्रीमती गुंजन जी नें अपने ओजस्वी विचार ब्यक्त किए।
कार्यक्रम में श्री मध्य प्रदेश शासन के पूर्व अतिरिक निदेशक देवेन्द्र जोशी जी ने आगंतुकों का स्वागत किया ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बी. के. रावेन्द्र भाई नें किया।

Rajyoga Shivir

संसार का हर मनुष्य सुख–शांति की तलाश में रोज मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे में गुहार लगा रहा है। पूजा, पाठ, आरती, व्रत, उपवास, तीर्थ आदि धक्के खा खाकर इंसान थक गया है लेकिन सुख शांति आज भी कोसों दूर है.. बल्कि दुख, अशांति बढ़ती जा रही है, इसका एकमात्र कारण है देह अभिमान में वृद्धि होना और इन सब समस्याओं का एकमात्र निवारण और सुख, शान्ति का एकमात्र रास्ता स्व आत्मा का ज्ञान और परमात्मा की सही पहचान । इसी सत्य ईश्वरीय ज्ञान से और ईश्वर प्रदत्त राजयोग मेडिटेशन से सच्ची सुख, शान्ति का खजाना सहज ही मिल जाता है और सारा जीवन तनाव मुक्त होकर खुशहाल हो जाता है।”

जिसमें प्रात: 10 से 12 एवं संध्या 5 से8 बजे तक राजयोग मेडिटेशन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा