मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

कृति के पांच तत्वों देते हैं जीवन का ज्ञान  – बी.के. डॉ. रीना

मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम सम्पन्न

मंडीदीप ५ जून  – प्रकृति में पांच तत्व पाये जाते हैं-जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी एवं आकाश। प्रकृति के ये पांच तत्व हमें जीवन जीने की शिक्षायें सिखाते हैं। जल का गुण होता है कि उसे जिस बर्तन में रखा जाये, उसका आकार एवं रंग ग्रहण कर लेता है इसी तरह से व्यक्ति के अंदर भी हर परिस्थति में एडजेस्ट करने की कला होना चाहिये। वायु का गुण है तीव्रता, इसी तरह व्यक्ति के अंदर भी तीव्रता का गुण होना चाहिये जो किसी भी परिस्थिति को पार कर सके, समस्यायें उसके आगे टीक न सकें। अग्नि की विशेषता है कि उसके अंदर जो भी वस्तु डाली जाती है उसका स्वरूप परिवर्तन हो जाता है उसकी अशुद्धि निकल जाती है। इसी तरह हमें अग्नि से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमारे संपर्क में जो भी व्यक्ति आये उसके अंदर से बुराईयां दूर हो जाये। इसी तरह से धरती का गुण है दातापन, व्यक्ति धरती में कुछ करे लेकिन धरती मां हमेशा देती है, हमें भी धरती मां से यह शिक्षा ग्रहण करनी है कि हमें जो भी मिले हमारे साथ कैसा भी व्यवहार करें हमें हमेशा दूसरों को अच्छाईयां ही देनी है। आकाश का गुण है विशालाता, आकाश के द्वारा संचार साधन कार्य करते हैं, आकाश मंें तरंगों के माध्यम से दुनिया में किसी कोने में बैठे व्यक्ति आपस में तुरंत सम्पर्क कर सकते हैं। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमारी सोच विशाल हो हम लोगों को जोड़ने का कार्य करें ना कि तोड़ने का। इसी तरह से हम देखते हैं कि प्रकृति के पांच तत्वों  में श्रेष्ठ जीवन की शिक्षायें समाहित हैं जिन्हें धारण कर हम एक श्रेष्ठ मनुष्य बन सकते हैं- उक्त विचार प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भोपाल सेवा केन्द्र की प्रभारी बी.के. डॉ. रीना बहन ने मंडीदीप में विश्व पर्यावरण दिवस  के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये ।

इस अवसर पर शीतल मेघा सिटी में वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी संपन्न हुए जिसमे ब्रह्मकुमारिस के सदस्यों एवं कॉलोनी के नागरिकों द्वारा वृक्षारोपण किया गया ।

कार्यक्रम की अतिथि मंडीदीप नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा जैन जी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यकित जीवन की आपाधापी में व्यस्त है उसके पास श्रेष्ठ कार्यो हेतु वक्त ही नहीं है ऐसे समय में ब्रम्हाकुमारीज़ संस्थान लोगों के जीवन से तनाव, दुख एवं अशांति दूर कर उनके जीवन में मुस्कुराहट भरने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में बी.के. रावेन्द्र जी ने प्रवचन किये। इस अवसर पर धरमवानी जी, गेंदालाल पाल जी,  बी के नमिता आदि का ब्रह्माकुमारिज भोपाल सेवाकेंद्र की प्रभारी डॉ. बी.के. रीना दीदी द्वारा समाज सेवी कार्यों हेतु सम्मान किया गया।

इस अवसर पर तीन स्थानों पर शिव ध्वजारोहण कर विषय विकार से मुक्त रहने की प्रतिज्ञा सभी उपस्थितों को दिलाई गई।

कार्यक्रम में कुमारी श्री कुमारी यशस्वी ने सुन्दर नृत्यों के माध्यम से कार्यक्रम में समां बांध दिया।

Social Wing Companion Program at Brahmakumaris Rohit Nagar Bhopal.

Chief Guest : Bro Akhilesh Argal Ji (IFS), CEO, Happiness Dept., Govt. of MP.

Chairperson : Bro. Govind Goyal Ji : Eminent Socioliest, Industrialist and Politician, Bhopal.

Brahma Kumaris National Administrators Conference Bhopal

ब्रह्माकुमारीज भोपाल द्वारा स्वर्ण जयंती महोत्सव का चौथा दिन 108 कार्यक्रमों का हुआ आयोजन स्वर्णिम प्रशासन हेतु देशभर से जुटे कुशल वक्ता दिल, दिमाग एवं कर्म के संतुलन से ही कुशल प्रशासन संभव – राजयोगिनी आशा दीदी यदि आप अपनी आत्मा की आवाज को सुनें और फालो करें तो सारा प्रषासन बहुत अच्छी तरह चल सकता है। आजकल के षिक्षार्थियों की तीन तरह की श्रेणियां देखी जाती हैं। पहला जो लोग बात को इषारे से समझते हैं और धारण करते हैं। उन्हे कुछ भी कहने की जरूरत नहीं होती है। दूसरा जो खुद नहीं करते परंतु कहकर करवाया जाता है। तीसरे श्रेणी के वे लोग हैं जो कहने से भी
नहीं करते। परंत एक चैथी श्रेणी भी आजकल देखी जाती हैं वह है जो नियम तोड़कर खुष होते हैं। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई बार हम समझते हैं कि हम अपनी अंतर्रात्मा की आवाज के खिलाफ जा सकते हैं। परंतु आप अपनी आत्मा की आवाज रोक नहीं सकते उसका गला नहीं घोट सकते। जब आप अपने प्राकृतिक स्वभाव के विरूद्ध कार्य करते हैं तो अंदर की शांति भंग होती है। स्वर्णिम दुनिया का प्रषासन पारिवारिक रूप का होता है। सारी प्रषासनिक प्रणाली परिवार के रूप से
चलती है। सवर्णिम दुनिया में ईमानदारी एवं पारदर्षिता होती है। वहां मैं का स्वरूप नहीं होता हम का स्वरूप होता है। आपके अंतर्गत कार्य करनें वाले लोगों को पैसे से ज्यादा प्यार, मोहब्बत एवं अपनापन चाहिए होता है। यही बातें उनके अंदर आपके प्रति विष्वास पैदा करती हैं। विष्वास कहीं और से नहीं बल्कि अपनेपन से पैदा होता है। अतः प्रशासक जागरूक भी रहें एवं विष्वास भी पैदा करें। प्रशासक के अंदर प्यार एवं सम्मान का भी गुण होना चाहिए। खुद से पूंछें कि हम जिनके साथ कार्य करते हैं क्या वास्तप में हम उनसे प्यार भी करते हैं या हमे केवल काम से ही प्यार है। क्योंकि स्वर्णिम दुनिया में प्यार एवं सम्मान काम में आते हैं। सम्मान मांगने की चीज नहीं है। सम्मान देगे तो मिलेगा। हरेक व्यक्ति को उसके गुणों के कारण सम्मान देना चाहिए। ब्रह्माकुमारी विष्व विद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा नें कभी किसी को रिजेक्ट नहीं किया। उन्होने यह कभी नहीं सोचा कि यह फालतू है या यह किसी काम का नहीं है। परंतु उन्होनें उसके गुणों को देखकर कार्य में लगाया। उसकी सेल्फ वर्थ को देखकर काम में लगाया। बाबा नें एसेप्ट एवं एप्रिसिऐट करना ये बातें सिखाईं। एसेप्ट अर्थात जो व्यक्ति जैसा आया है उसे स्वीकार करें। जिस आत्मा में जितनी शक्ति है वह उतना ही कर सकती है। एसेप्ट करने से धीरे -धीरे उसमें योग्यता आती जाएगी। और दूसरा शब्द है – एप्रिसिऐट। आज एप्रिसिऐषन की किसे आवष्यकता नहीं है।
सकारात्मक बातें के प्रयोग से माहौल बदलता जाएगा। एक बार मदर टेरेसर नें एक कंपनी के मालिक से पूंछा आप कर्मचारियों को सुख-सुविधाएं देते हैं पर क्या आप उन्हे प्यार भी देते हैं।स्वर्णिम प्रषासन के लिए हेड, हार्ट एवं हैण्ड तीनों में समन्वय एवं समरसता होना आवष्यक है। अर्थात दिल, दिमाग एवं कर्म का संतुलन होना आवष्यक है। प्यार वह चीज है जो असंभव को
संभव बना देती है। वो धारण जिससे हम पलते हैं, उसके प्रति प्यार चाहिए। अगर यह निष्चय हो जाए कि हम आत्माएं अपना पार्ट बता रही हैं हम जो चाहें वह कर सकते हैं। हम चाह लें तोपत्थर को पानी कर सकते हैं। आई एम द कैप्टन आफ शिप। परिस्थितियों के गुलाम होकर यह बात मन एवं मष्तिस्क में भी न आए कि मैं क्या कर सकता हूं। वरन् यह निष्चय करें कि मैं नहीं करूंगा तो और कौन करेगा। स्वर्णिम प्रशासन के लिए असली परिवर्तन प्रषासन में नहीं प्रषासक के सोच एवं नजरिए में लानें की जरूरत है। उक्त विचार ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रियर्च फाउंडेषन के प्रषासक सेवा प्रभाग की
राष्ट्रीय अध्यक्षा दिल्ली से पधारी ब्रम्हाकुमारी राजयोगिनी आशा दीदी नें आज राजयोग भवन अरेरा कालोनी स्वर्णिम श्रेष्ठ प्रषासन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय प्रषासक सम्मेंलन में व्यक्त किए। गोधरा से पधारे प्रषासक प्रभाग के सचिव बी.के. शैलेष भाई नें संस्था एवं प्रषासक प्रभाग के बारे में विस्तार से बताया। म.प्र. विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेष प्रताप सिंह जी नें कहा कि वही स्वर्णिम प्रषासन है जहां प्रषासन की आवष्यकता ही न हो। भीड़ में भी जो शांत रह सके वही सच्चा प्रषासक है। सच्चा प्रशासक वह जिसमें निर्लिप्तता का गुण हो। सच्चे प्रषासक में चुनौतियों का सामना करने का साहस होना चाहिए। सच्चे प्रषासक में सेवा भाव का होना नितांत आवष्यक है। सच्से प्रषासक में उचित निणय लेनें की कला होना चाहिए। यदि वह सही निर्णय लेगा तो स्वयं भी संतुष्ट होगा एवं दूसरों को भी संतुष्ट करेगा। उन्होनें कहा परमात्मा हमें मदद देनें के लिए सदैव हमारे साथ होते हैं परंतु यदि हम उन्हे याद नहीं करते तो सही समय पर परमात्मा की मदद हमें प्राप्त नहीं होती। सम्मेलन में म.प्र. विद्युत मंडल के प्रबंध निदेषक डा. संजय गोयल आई. ए. एस. नें कहा कि यदि प्रषासक कुछ समय निकालकर अपनी कमियां निकाले तो प्रशासन में सुधार आएगा। सम्मेलन में श्री सीताराम मीणा आई. ए. एस. उत्तर प्रदेष श्री राकेश दुबे निदेशक आपदा प्रबंधन, श्री ब्ही. के. शर्मा अहमदाबाद, बी.के. बीणा बहन, सिरसी कर्नाटका आदि नें भी स्वर्णिम प्रशासन हेतु
अपने विचार ब्यक्त किए।
भोपाल जोन की निदेशिका एवं ब्रम्हाकुमारीज राजयोग एजूकेषन एवं रिशर्च फाउंडेशन के प्रशासक सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बी. के. राजयोगिनी अवधेश दीदी नें बताया कि 5 दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत भोपाल के विभिन्न संस्थानों में 108 से भी अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बी. के. उर्मिल बहन क्षेत्रीय निदेशिका दिल्ली जोन नें सभी उपस्थितों को राजयोग की अनुभूति कराईं।
भोपाल गुलमोहर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बी. के. डा. रीना बहन नें सभी का स्वागात किया साथ ही कुशल मंच संचालन किया । उन्होंने सभ्जी भोपाल शहर वाशियों से आग्रह किया कि स्वर्णिम श्रेष्ट प्रशासन के ब्रह्माकुमारिस के इस पुनीत कार्य में सहभागी बने ।

B. K. Asha Didi, Chairperson, Administrators Service Wing.

Program Director : B. K. Avdhesh Didi, Zonal Director Brahmakumaris Bhopal & National Co-Ordinator Administrators Service Wing.
Chief Guest: Bro. Avdhesh Pratap Singh Ji, Principal Secetary, Vidhansabha , Bhopal
Special Guest: Dr. Sanjay Goyal, Managing Director, MPEB, Bhopal.
Good Wishes : Bro. Seetaram Meena Ji, IAS
Welcome Speech : B. K. Shailesh Bhai, Secretory Administrators Service Wing.
Stage Co-ordinator: B. K. Dr. Reena Behn, Centre In-Charge, Gulmohar Colony Bhopal

Bhopal- बी के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित-B. K. Dr. Reena Behan​ Gets ​Pride of India Award

ब्रह्माकुमारिज संस्था भोपाल की बी.के डॉ रीना बहन प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित


भोपाल। समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए बी.के डॉ रीना बहन को प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड सम्मानित किया गया है। वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्डस लंदन की ओर से इंदौर में होटल रेडिसन में आयोजित गरिमामय समारोह में यह अवॉर्ड इंटरनेशनल म्यूजिक आइकॉन एवं डिस्को किंग बप्पी लहरी के हाथों दिया गया। जिसमें देश-विदेश में कई क्षेत्रों में बेहतर काम वाली नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में बप्पी लहरी एवं अन्य अतिथियों ने ब्रह्माकुमारीज एवं ईश्वरीय ज्ञान के बारे में भी चर्चा की। साथ ही ब्रह्माकुमारीज द्वारा दुनिया भर में की जा रही मानव सेवा की तारीफ की। उल्लेखनीय है कि डॉ रीना बहन ब्रह्माकुमारीज केंद्र गुलमोहर भोपाल की संचालिका हैैं। वे पिछले 25 साल से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इससे पहले भी उन्हें बेहतर समाजसेवा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। वे मोटीवेशन स्वीकर भी हैं। इसके लिए उन्हें डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा जा चुका है।